विद्या वान गुणी अति चातुर राम काज करने को आतुर
विद्या वान गुणी अति चातुर राम काज करने को आतुर आज के आधुनिक प्रबंधन युग में हनुमान चालीसा एक मैनेजमेंट ग्रन्थ के रूप में पड़ा जा रहा है। और जो मैनेजमेंट के फंडे हनुमान चालीसा से मिल रहे है तो कारपोरेट दुनिया भी इस आध्यात्मिक ग्रन्थ को जीवन में उतार रही है। आज हम विद्यावान गुणी चातुर पंक्तियों को इस तारतम्य में समझने की कोशिश करते है। आज के युग में जहा पढ़ाई की बड़ी बड़ी डिग्रियां लेकर बच्चे व्यावहारिक जीवन और प्रोफेशनल जीवन में फ़ैल से हो रहे है उसका सबसे बड़ा कारण ही यह है की यूनिवर्सिटिया और कालेज डिग्रियां तो कोर्स पड़ा कर बाट देते है ऐसे में व्यावहारिक ज्ञान से वो वंचित रहजाते है वो तो जिनके पारिवारिक संस्कार सही तरह से मिले है वो तो आगे बढ़ जाते है लेकिन जो एकल परिवार में पले बड़े होते है वो कुछ खास नहीं कर पाते है। आज प्रबंधन के युग में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है, विद्यावान होने के लिए अच्छी पढ़ाई बहुत जरुरी है और विद्यावान के साथ ही एक लीडर को गुनी और चतुर भी होना चाहिए। चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से व्यक्ति सफल नहीं होंगे। विद...